SSC का बड़ा फैसला
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। इस दिशा में एसएससी ने एक बेहद अहम फैसला किया है।
इस नए फैसले में एसएससी की ओर से यह अनिवार्य कर दिया गया है कि यदि ओएमआर पर बाएं हाथ के अंगूठे की छाप नहीं लगी है तो उनके आंसर सीट का मूल्यांकन नहीं होगा।
ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शून्य अंक दिए जाएंगे। बोर्ड की ओर से यह फर्जीवाड़ा रोकने और परीक्षा में असली परीक्षार्थी की जगह किसी दूसरे को बैठने से रोकने के लिए किया गया है।
कर्मचारी चयन आयोग की पहली बार संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा 2015 में लागू की गई है।
आयोग की ओर से नई व्यवस्था हाल के दिनों में परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े को रोकने के लिए किया गया है।
एसएससी की ओर से नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को आगाह किया गया है कि वह आंसर सीट (ओएमआर) पर बाएं हाथ के अंगूठे की छाप अवश्य लगाएं, नहीं तो शून्य अंक मिलेगा।
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